The smart Trick of balki: That Nobody is Discussing

मार्कशीट्स बैकडेट में बीपीएड में दाखिला दिखाकर तैयार की गई थीं.

फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।

पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।

जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।

शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री

व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।

गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें। 

Gupt Navratri is particularly important for individuals who are deeply associated with the sector of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the greatest time to obtain good results in Exclusive sadhana also to get blessings within the Guru.

* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।

गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे Dikbandhan वो मिलेगा

साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।

भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।

कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।

गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।

* हर तरह की बुरी आत्माओं से माता काली रक्षा करती हैं।

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